प्राणायाम कैसे करे, How to do Pranayam

https://www.yogadeyy.com/2020/01/how-to-do-pranayam.

सुखासन के किसी भी एक आसन में बैठें ! (पदमासन, सिद्धासन)  जिसमे कम से कम कुछ देर आराम से बैठ सकें ! मेरुदण्ड गर्दन व सिर एक सीध में रखे ! प्राणायाम के लिए तैयार रहें ! बाँया हाथ घुटने पर रखिये, दाँये हाथ की उंगलियों को दोनों भौंहों (मस्तक के- बिच) रखे ! दोनों कंधे समांतर होने चाहिए ! अब दाँए हाथ की तर्जनी और मध्य्मा को मस्तक की बिच रखे (कुछ योग गुरु सिर्फ तर्जनी उंगली को ही रखवाते हैं) एवं नासिका के दाहिनी ओर अंगूठे को व बांयी ओर के नासिकारंध्र के बहरी भाग पर अनामिका उंगली को रखे दाँए नासिका छिद्र को अंगूठे से दबाव डालकर बंद कीजिये ! बाँए नासिका छिद्र से श्वाँस (पूरक) लीजिये और उसी नासिका छिद्र से रेचक करे (सांस) छोड़िये ! पूरा ध्यान स्वांस की तरफ रखे पूरक एवं रेचक मिलाकर एक चक्र हुआ ! इस प्रकार १० से १५ चक्र करे !
अब अनामिका अंगुली से बांया नासिका छिद्र बंद करें और दाहिनी तरफ से उपरोक्त क्रियानुसार १० से १५ चक्र करें !

सावधानियाँ:- 

श्वाँस क्रिया ध्वनि रहित होनी चाहिए ! दोनों नासिका छिद्रों बराबर लय बनाते हुए श्वांस ले ! सीना कम ज्यादा न फैलाये !

समय:-

5 से 10 मिनट तक दोहराएँ !

नोट:-

थकान महसूस हो तो शवासन कर लें ! इस प्राणायाम से आंगुलियां और नासिका नलिका का अभ्यास हो जाता है ! ताकि वे अधिक से अधिक लाभ प्राप्ति में सहायक हों !
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 लाभ :-

1. यह प्राणायाम मन को प्रसन्न रखता है !
2. शारीरिक और मानसिक संतुलित स्थापित होता है जिस कारण शारीरिक और मानसिक रोग नहीं होते !
3. धरना ध्यान और समाधि का स्तर बढ़ाता है !
4. मन शांत और प्रसन्नचित्त रहता है !
5. प्राणायाम से रोग प्रतिरोधक शक्ति का विकाश होता है !

English Language:-

  "How to do pranayam"

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Sit in any one posture of Sukhasana! (Padmasana, Siddhasana) in which you can sit comfortably for at least some time! Keep the neck and head in a straight line! Be ready for Pranayama! Place the left hand on the knee, place the fingers of the right hand on both the eyebrows (forehead). Both shoulders should be parallel! Now place the forefinger and middle of the right hand between the foreheads (some yoga gurus keep only the forefinger finger) and place the thumb finger on the right side of the nostril and the left side of the left side of the nasal cavity with the right nasal hole Stop by pressing Take breath (supplement) from the left nasal cavity and laxative (breath) from the same nasal cavity! There was a cycle of supplementation and purgative with full attention towards breathing. Thus, do 10 to 15 cycles."Benefits"1. This pranayama keeps the mind happy!2. Physical and mental balance is established due to which physical and mental diseases do not occur.3. Picket increases the level of meditation and samadhi!4. The mind remains calm and happy!5. Pranayama develops immunityNow close the left nasal cavity with the ring finger and do 10 to 15 cycles from the right side according to the above procedure!


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