शीर्षासन कैसे करें- How to head Yoga


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शीर्ष का अर्थ यह पे अगर भाग से है ! इसमें साधक सर के अग्रभाग से आसन करता है अतः इसे शीर्षासन कहा गया है 

शीर्षासन कैसे करें

वज्रासन में बैठ जाएं ! सर को सामने की तरफ झुकाते हुए कंबल पर सिर के अग्रभाग का ऊपरी तल टीकाएँ ! दोनों हाथों की अंगुलियों को एक-दुसरे में फँसाकर सर के समीप घेरा बनाते हुए रखें अब क्रमशः सर की तरफ वजन देते हुए कमर को उठाएँ ! (ऐसी अवस्था में शरीर का वजन सर की तरफ व आधा वजन पैरों की तरफ हो जायेगा) इसी क्रम में अब पूरा संतुलन बनाते हुए शरीर का पूरा भाग सिर के अग्रभाग पर रखने की कोसिस करते हुए दोनों घुटनों को ऊपर उठाये ! धीरे-धीरे एक पैर को सीधा आसमान की तरफ तान दें व दूसरा पैर भी संतुलन बनाते हुए ऊपर की तरफ करें ! यह अवस्था शीर्षासन कहलाती है ! यदि अकेले नहीं कर सके तो की सहायक या कोने की दीवार का सहारा लें! अनुकूलतानुसार कुछ देर रुकें ! मूल स्थित में आते समय वापस घुटनों को मोड़े, कमर के हिस्से को झुकाएं, एवं वापस पैरों को जमीन पर रखें ! पूर्ण आसन की स्थित में श्वाश -प्रश्वाश की स्थित स्वाभाविक रहेगी ! आसन करते समय स्वांश लेकर कुम्भक करें एवं वापस आते समय भी कुम्भक करें ! (इस आसन को शरीर का भार माथे की तरफ रखते हुए करते हैं ! सिर के बिलकुल बिच के भाग में नहीं रखते अतः ध्यान पूर्वक करें) !

ध्यान-

स्वाभाविक श्वाश में ध्यान लगाएँ !
नए साधकों के लिए- चूँकि इसमें सर पर पूरे शरीर का वजन पड़ता है ! अतः सर के उपर कंबल की मोती तह रख लें!

शीर्षासन लाभ-

1. शीर्षासन को भी आसनों का राजा कहा गया है ! यह आसन शरीर का कायाल्प करता है !
2. प्रीतिदिन अभ्यास के कारण मस्तिष्क की शिरों में स्वस्थ्य एवं शुद्ध रक्त प्रवाहित होने लगता है जिसके कारण मानसिक दुर्बलता एवं मष्तिस्क संबंधी रोग धीरे-धीरे कम होने लगते हैं !
3. यह आसन ओज, तेज़ और चेहरे की चमक बढ़ाता है !
4. इस अभ्यास के आसन से चूँकि रक्त शुद्ध होता है, अतः बालों का असमय पकना, बालों का झड़ना एवं त्वचा संबंधी रोगों का शमन होता है !
5. यौवन देता हुआ चेहरे की झुर्रियों को समाप्त करता है !
6. नेत्र संबंधी दोष दूर होते हैं, नेत्रों को सुंदर बनता है !
7. इस आसन से व्यक्ति का जीवन उत्साह और स्फूर्ति से भर जाता है !
8. समस्त प्रकार के वायु विकार को नाश करता है !
9. उन्माद व मिर्गी के लिए यह आसन उचित है व् चंचल मन को संतुलित प्रदान करता है !
10. लकवा से पीड़ित व्यक्ति उचित देख रेख में एवं क्रम पूर्वक नियमित करें !
11. दमा व छय रोगों को नियमित अभ्यास से दूर किया जा सकता है !
12. कोष्ठबद्धता दूर करता है !
13. उदर-प्रदेश एवं प्रजनन संस्थान की उचित देखभाल करता है !
14. समस्त मानसिक विकारों में यथासम्भव लाभ मिलता है !
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शीर्षासन सावशानियाँ-

 1. नए अभ्यासियों को चाहिए की शीर्षासन अकेले नहीं करें
2. यदि दीवार का सहारा लें तो दीवार से २ या ३ इंच की दूरी पर करें अन्यथा इसका उल्टा असर पेट या पीठ पर पड़ेगा !
3. जल्दबाज़ी न करें वरना गर्दन या पीठ में दर्द हो जायेगा !
4. इस आसन में शरीर पूरा सीधा रखें, ताकि वह स्थिरता और दृणता पा सके !
5. दोनों पैर आकाश की तरफ समांतर होने चाहिए !
6. अभ्यास हो जाने पर दोनों पैर हल्के झटके के साथ सीधे ऊपर की तरफ तान दें !
7. शीर्षासन के पहले सर्वांगासन का अभ्यास जरूर करें !
8. शीर्षासन के बाद ताड़ासन व श्वसन अवस्य करें !
9. उच्च रक्त्चाप व् निम्न रक्तचाप वाले इन आसनों से शुरू में परहेज करें !

   How to head Yoga

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The meaning of the top is from the part if pe. In this, the seeker performs asana with the head of the head, so it is called headstand.

Method- 

Sit down in Vajrasana. While tilting the head in front, place the upper floor of the head on the blanket. By holding the fingers of both hands together, keep the circle close to the head, now lift the waist while giving weight to the head respectively. (In such a situation, the weight of the body will be towards the head and half the weight towards the feet.) In this sequence, raise the two knees, keeping the entire balance of the body on the front of the head, making complete balance. Gradually, spread one leg straight towards the sky and balance the other leg upwards. This state is called headstand. If you can't do it alone, use the support or corner wall. Stay for a while as appropriate. While coming to the original position, bend the knees, bend the waist, and keep the feet back on the ground! In the position of complete posture, it will be natural to have the breath. Do Kumbhak with your breath while doing asanas and do Kumbhak while returning. (Doing this asana while keeping the weight of the body towards the forehead! Do not place it exactly at the middle of the head, so pay attention).

Meditation-

Meditate in natural breath.
For new seekers - because it takes the weight of the entire body on the head. So keep the blanket beads on the head.

Benefit-

1. Shikhasana has also been called the King of Asanas. This asana rejuvenates the body.
2. Due to practice, healthy and pure blood flows in the head of the brain due to which mental debility and mental diseases are gradually reduced.
3. This asana oozes, sharpens and enhances facial glow.
4. Asan is purified by the practice of this practice, so the untimely ripening of hair, hair loss and skin related diseases is mitigated!
5. Gives puberty to eliminate facial wrinkles!
6. Eye defects are removed, eyes become beautiful!
7. This posture fills a person's life with excitement and elation!
8. Destroys all types of air disorders!
9. This asana is suitable for mania and epilepsy and provides balance to the fickle mind!
10. The person suffering from paralysis should be under proper care and in regular order.
11. Asthma and Chhaya diseases can be overcome by regular practice.
12. Removes Gravity.
13. Takes proper care of the Uttar Pradesh and Fertility Institute.
14. Get as much benefit as possible in all mental disorders.

Recommendations-

 1. New practitioners should not do headstand alone.
2. If you support the wall, do it 2 or 3 inches away from the wall, otherwise it will have the opposite effect on the stomach or back.
3. Do not rush or else there will be pain in the neck or back.
4. Keep the body straight in this posture, so that it can get stability and vision.
5. Both legs should be parallel to the sky!
6. When practiced, spread both legs straight upwards with a slight shock.
7. Do practice Sarvangasana before heading.
8. Do Tadasana and Respiratory Abruptness after headrest.
9. Initially avoid these asans with high blood pressure and low blood pressure.

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