योग क्या है (What is Yoga)

https://www.yogadeyy.com/2020/01/what-is-yoga-yoga-y-ield-o-btains-g-ive. 


यदि हम अंग्रेजी वर्णमाला YOGA के चार वर्णो के आधार पर विचार करे तो हमे यह स्पष्ट नज़र आयेगा, कि इन चार वर्णो को अलग-अलग करने पर क्या अर्थ निकलता है !
        Y- ield, योग व्यक्ति को कौन से परिणाम प्रदान करता है !
        O- btains, योग से व्यक्ति को कौन सी नई उपलब्धियाँ प्राप्त होती है !
        G- ive up,  योग द्वारा व्यक्ति क्या-क्या छोड़ सकता है  !
         A- ttains, योग से व्यक्ति अंततः क्या प्राप्त करता है 

योग साधना के मार्ग में प्रवत्त होने पर उदरप्रदेश के रोग के रोग जैसे अपच अरुचि कब्ज़ गैस आदि में लाभ मिलता है !

योग में बताये आहार से रक्त्चाप मधुमेह ह्रदयरोग जैसी घटक बीमारियों से बचा जा सकता है! शांति एवं संतोष की भावना स्वाभाविक रूप से जीवन में समाहित हो जाती है, छल कपट झूट चोरी एवं चरत्रहीनता से साधक दूर ही रहता है ! जिस कारण वक्तिगत एवं सामाजिक दोनों स्तरों पर नैतिकता का विकाश होता है !

योग हमे शारीरिक सम्पनता के साथ मानसिक शक्ति भी प्रदान करता है ! जिससे मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है ! योग निद्रा एवं ध्यान के द्वारा हम अपनी स्मृति छमता को भी बढ़ा सकते है, योग हमारी कार्य कुशलता एवं कार्यछमता में अभूतपूर्व वृद्धि करता है !

योग से हमारे शरीर के परिसंचरण तंत्र, पाचन तंत्र, स्वशन तंत्र, एवं उत्सृजन्तंत्र किर्या शील हो जाते है ! वैज्ञानिक परिछणो से यह सिद्ध हो गया है, आयु बढ़ने के साथ साथ होने वाली शारीरिक शिथिलता एवं वैचारिक अस्थिरता का निदान योगाभ्याश के द्वारा किया जा सकता है ! योग द्वारा हम अपनी नकारत्मकता को दूर कर सकते है एवं अपनी रोगनाशक शक्ति का विकाश क्र सकते है ! इस प्रकार यह निर्विवाद सत्य है की योग एक वैज्ञानिक पद्धति है, न की केवल शारीरिक व्यायाम ! इसके आसन व् षट्कर्म जहाँ स शरीर को निरोग व् सुडौल बनाते है और रोग प्रतिरोधक छमता बढ़ाते है, व्ही प्राणायाम ध्यान आदि मानसिक एकाग्रता शारीरिक ओज  - तेज़ को भी बढ़ाते है 

लगभग सभी भारतीय दर्शनों ने इसे स्वीकारा है ! जब तक मनुष्य का चित्त या अंतःकरण निर्मल नहीं होता, कषायें मंद नहीं होती, तब तक उसे सम्यक ज्ञान का बोध नहीं हो सकता ! आत्मा उत्थान के लिए योग सर्वोत्तम साधन है ! इससे शरीर और मन की शुद्धि होती है !

योग विज्ञान जीवनयापन का सच्चा पथ प्रदर्शक है ! ज्ञान का जीवन से सीधा संबंध होने के कारण प्रत्येक छेत्र में प्रयोगात्मक, क्रियात्मक विज्ञानं की आवश्यकता रही है ! योग पूर्णतयः प्रायोगिक मनो विज्ञानं है ! इस प्रकार योग मानव का चहुमुखी विकाश करता है ! योग विज्ञानं होने के साथ साथ एक जीवन जीने की कला भी सिखाता है !

योग की परिभाषाएँ:-

1. इस स्थूल शरीर में स्थित अवचेतन मन के द्वारा सम्यक रूप से प्रारूप में उतरक आत्मा द्र्स्ट होते हुए निर्वाण पथ की ओर अग्रसर होना ही योग है 

2. जिन-जिन साधनों से आत्मा की शुद्धि और मोक्ष का योग होता है, उन साधनों को योग कहते है !

3.  संसार सागर से पार होने की युक्ति को ही योग कहते है !

4. नारायण के साथ नर के एकात्म हो जाने के साधन को योग कहते है !

5. जीवात्मा और परमात्मा का सम्पूर्ण रूप से मिलना योग है 

                     "What is Yoga"

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If we consider the four letters of the English alphabet YOGA, then we will get a clear idea of ​​what it means to separate these four letters!

Y ield, What results does yoga give a person.

O- btains, What new achievements does a person achieve through yoga.

G- ive up, What can a person skip through yoga.

A- ttains, What does a person ultimately get from yoga.


If you are engaged in the path of yoga practice, you will get benefit in diseases of stomach diseases like indigestion, indigestion, constipation, gas etc.

Diets mentioned in yoga can prevent blood pressure diseases like diabetic heart disease. The feeling of peace and satisfaction is naturally ingrained in life, the seeker remains away from deceit, fraud, theft and chaos. Because of which morality is developed at both personal and social levels.

Yoga gives us physical strength as well as mental strength. Which relieves mental stress! We can also increase our memory capacity through Yoga Nidra and Meditation, Yoga brings unprecedented increase in our work efficiency and performance.

With yoga, our body's circulation system, digestive system, autonomic system, and excretory system are transformed. It has been proved by scientific determinations, that physical dysfunction and ideological instability occurring with aging can be diagnosed by yoga practice. Through yoga, we can overcome our negativity and can grow our curative power! Thus, it is an undeniable truth that yoga is a scientific method, not just physical exercise! Its asanas, where they make the body healthy and enhance disease resistance, whee pranayam meditation etc. mental concentration also increases physical strength.

Almost all Indian philosophies have accepted this! As long as the mind or conscience of man is not clean, troubles do not slow down, then he cannot have sense of right knowledge! Yoga is the best tool for soul regeneration! This purifies the body and mind.

Yoga science is a true guide to living! Experimental, functional science has been required in every field due to the direct connection of knowledge to life! Yoga is completely experimental psychology! In this way, yoga makes all round development of human being. Yoga, along with being a science, also teaches the art of living a life!


-:Definitions of Yoga:-


1. Through the subconscious mind situated in this gross body, it is the yoga to move towards the Nirvana path in the form of a spirit that is descending in the form.


2. The means by which the purification and salvation of the soul are combined, those means are called Yoga.


3. The idea of ​​crossing the ocean is called Yoga.


4. The means of male union with Narayan is called Yoga.


5. The complete union of the soul and the divine is yoga.

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