तनाव में योग कैसे करें, Yoga in Stress

https://www.yogadeyy.com/2020/01/yoga-in-stress

तनाव जीवन की प्रगति के लिए अन्य आव्सय्कताओं की तरह महत्वपूर्ण होता है परन्तु इसका नियंत्रण के बाहर चले जाना घातक हो सकता है ! योग जीवन के प्रति अपने दृष्टिकोण व दर्शन से तथा चिकित्सा के माध्यम से तनाव को नियंत्रित रखता है जो कि हानिरहित तथा लाभकारी होता है, जिसे 'स्ट्रेस' कहते हैं ! जीवन में गति व प्रगति इसी से आती है ! परन्तु इसी स्ट्रेस की मात्रा जब अत्यधिक हो जाए तो 'डिस्ट्रेस' अर्थयात हताश कहते हैं !
जीवन में आधुनिकता व आधुनिक उपकरणों के प्रवेश ने जहां व्यक्ति को मानव मूल्यों को दूर किया है व्ही अतशय तनाव एक महामारी की तरह फैल चुका है जिसके कारण कई प्रकार की मनोकायिक बीमारियां जन्म ले रही हैं ! योग में जहां एक ओर यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान व समाधि का पालन व काम, क्रोध, लोभ-मोह, मतसर, ईर्ष्या, देव्ष से दूर रहना सिखाया जाता है, वहीं दूसरी ओर जीवन के उच्त्तर उद्देश्यों की ओर ध्यान दिलाया जाता है ! उच्त्तर जीवन है, उसे जिया भी जा सकता है यह न जानने के कारण हममे से कई लोग सारा जीवन ही तनाव भटकाव में बिता देते हैं !

तनाव के सकारात्मक उपयोग से जहाँ प्रतिस्पर्धा में अच्छे परिणाम आते हैं, अंतिम समय तक कार्य को श्रेष्ठ्तम रूप देने को योग्यता व ऊर्जा बनी रहती है वहीं संघर्ष में विजय करने और हमे लापरवाह होने से बचने में सकारात्मक तनाव की महती भूमिका है ! तनाव को महत्तम रूप में बनाए रखने के लिए योग सहारा बनता है !

आसन के अंतर्गत मन शरीर के साथ जोड़कर शक्तिशाली, सहनशील, शांत व तनावरहित बनाना सिखाता है जिसे योग की भाषा में सिद्धियाँ कहते हैं प्राणायाम के द्वारा मन अ-मन बनता है, भावनात्मक संतुलन बढ़ता है, मन आत्मा से जुड़ता  है ! आत्मिक गुणों का विकाश होता है ! मानव के परिपूर्ण रूप से खिलने की संभावना बढ़ती है ! तब तनाव एक प्रेरक का कार्य करता है !
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तनाव में योग कैसे करें-

पीठ के बल लेट जाएं ! हाथों को दोनों तरफ कमर के समकक्च रखें ! हथेलियाँ आसमान की तरफ खुली रखें ! एड़ियां आपस में मिली हुई हों पर पंजों के बीच एक निश्चित दूरी बनाये रखें ! आँखें बंद रखें जीभ स्थिर रखें ! अब धीरे-धीरे श्वाश लें और छोंड़े ! एकाग्रता बढ़ाने के लिए श्वाश पर ध्यान दें ! कुछ देर बाद नाड़ियाँ निष्क्रिय हो जाती हैं ! साधक की निश्चलता बढ़ने लगती है एवं वह हल्कापन व प्रसन्नता अनुभव करने लगता है ! पूरे शरीर में शक्ति के प्रवाह का अनुभव किया जा सकता है ! इसे लगभग पांच से दस मिनट तक करें !

ध्यान-

श्वांस पर ध्यान देते हुए मूसलाधार से ऊपर उठती हुई ऊर्जा का अनुभव करें !

तनाव में योग से लाभ-

1. अनिद्रा के रोगी इसका अभ्यास कर पूर्ण लाभ प्राप्त कर सकते हैं !
2. तनावग्रत व्यक्ति को यह आसन अदभुद शांति प्रदान करता है !
3. दिमागी शक्ति बढ़ाने के लिए इसका उपयोग करें !
4. उच्च रक्त्चाप वाले इसे नियमित रूप से करें !

विशेष-

अधिक लाभ के लिए योगनिद्रा का अभ्यास करें !

                     Yoga in Stress

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Stress is important for the progress of life like other needs but it can be fatal to get out of control. Yoga keeps stress under control and philosophy through life and philosophy, which is harmless and beneficial, which is called 'stress'. This is the speed and progress in life. But when the amount of this stress becomes excessive, then 'distress' means desperate.

Modernity in life and the entry of modern equipment have taken away human values ​​where a person has been stressed and has spread like an epidemic due to which many types of psychiatric diseases are taking birth. While on one hand yoga is taught to follow Yama, Niyam, Asana, Pranayama, Pratyahara, Dharna, Meditation and Samadhi and abstain from work, anger, greed, fascination, envy, jealousy, on the other hand, higher goals of life Is pointed out There is a higher life, because of not knowing that it can be lived, many of us spend our whole life in tension.

While positive use of stress results in good results in competition, ability and energy to optimize work remains till the last moment, while positive stress has an important role in winning in conflict and avoiding us being careless. Yoga helps to maintain stress to its maximum.

Under the posture, the mind teaches to make powerful, tolerant, calm and stress-free by connecting with the body, which is called Siddhi in the language of yoga, through pranayama, mind becomes un-mind, emotional balance increases, mind connects with soul. Spiritual qualities develop. The chances of a human being in full bloom increase. Stress then acts as a motivator.

-:How to do yoga in stress:-

Lie on your back. Keep the hands on both sides of the waist. Keep the palms open to the sky. The heels are mixed together, but keep a certain distance between the toes. Keep your eyes closed, keep your tongue steady. Now slowly inhale and beat. Focus on breathing to increase concentration. After some time the nadis become inactive. The sadness of the seeker starts increasing and he starts feeling lightheaded and happy. The flow of power can be felt throughout the body. Do this for about five to ten minutes.

-Meditation-

Experience the energy rising above the torrent by paying attention to the breath.

-Benefit-

1. Insomnia patients can get full benefits by practicing it.
2. This posture provides incredible peace to a stressed person.
3. Use it to increase brain power.
4. Do it regularly with high blood pressure.

-Special-

Practice Yojanidra for more benefits.

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