विपश्यना योग- Vipassana Yoga

https://www.yogadeyy.com/2020/02/vipassana-yoga

विपश्यना योग भी हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है ! विपश्यना योग भारत में बहुत ही पुराना योग है ! यह योग वैसा ही है, जैसा की ठीक हम समझते हैं ! विपश्यना योग २५०० वर्षों पहले सार्वजनिक रोग ठीक करने के रूप में सिखाया जाता रहा है, विपश्यना एक ध्यान प्रक्रिया है ! यह एक प्राचीन ध्यान विधि है जिसे भगवान बुद्ध के द्वारा पुनर्जीवित हुआ ! विपश्यना योग करने से आत्मा शुद्धि होती है, यह योग प्राणायाम और ध्यान से संबंधित है ! विपश्यना योग करते समय अपने श्वाश को देखना और उसके प्रति सजग रहना होता है ! योग मार्ग के तीन मार्ग प्रचलित हैं- विपश्यना, ध्यान और हठ योग !
विपश्यना द्वारा ही भगवान बुद्धा ने बुद्धुत्व प्राप्त किया विपश्यना योग वास्तव में सत्य की उपासना है !

विपश्यना कैसे करें-

विपश्यना योग बहुत ही सीधा और सरल योग है, अपनी श्वाँस प्रकिया के प्रति साक्षीभाव ! अभ्यास के प्रारम्भ में बात करते, मौन रहते, सोते जागते किसी भी स्थित में श्वाश के आने जाने की प्रक्रिया को न के छिद्रों द्वारा महसूस करें ! जैसे हम अब तक कभी अपने स्वांश के आने जाने की प्रक्रिया पर ध्यान नहीं देते थे ! लेकिन अब श्वाश के आवागमन को साक्षी भाव से देखें और महसूस करें कि मैं श्वाश छोड़ रहा हूँ, और ले रहा हूँ ! हम श्वाश कब ले रहे हैं और कब छोड़ रहे हैं, इस सहजता से ध्यान दें ! यह प्रक्रिया जबरदस्ती न करें ! सब कुछ बंद करके इसी पर ध्यान देना ही विपश्यना है ! इस योग में श्वाँस के अलावा एक विचार आया और गया फिर आया इस पर ध्यान देना है ! इसमें इन्वॉल्व बिलकुल भी न हों, बस यह देखना है कि है हमारे शरीर में किस तरह की प्रक्रियाएँ हो रही हैं !

विपश्यना क्यों करें-

शरीर और आत्मा के बीच श्वाश ही एक ऐसा साधन है जो विचारों और भावों को संचालित नहीं करता लेकिन शरीर को जिन्दा रखता है, श्वाश ही जीवन है ! योगाचर्य कहते हैं की तुम श्वाश को ध्यान से देखते रहो, तो तुम शरीर को अपने से अलग जानने लगोगे जो श्वाश को देखेगा वह शरीर के अलग हो गया ! इससे शाश्वत का दर्शन होता है ! उस दर्शन में ही भिन्नता और अनोखापन है ! बाकि तो न कुछ अनोखापन है जिंदगी में और न कुछ सबसे अलग !

विपश्यना का लाभ-

इससे तनाव नहीं रहता है ! नकारात्मक और और गलत विचार नहीं आते हैं ! मन हमेश शांत रहता है ! मन शांत रहने से शरीर पर भी प्रभाव पड़ता है ! शरीर से सरे रोग नष्ट होने लगते हैं, और काया निरोगी होने लगती है ! विपश्यना योग का निरंतर अभ्यास करने से आत्म साक्षात्कार होने लगता है ! और सिद्धियाँ अपने आप आ जाती है !

Vipassana Yoga

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Vipassana Yoga is also very important in all our lives. Vipassana Yoga is very old yoga in India! This yoga is the same as we understand. Vipassana yoga has been taught as a cure for folk disease 2500 years ago, Vipassana is a meditation process. This is an ancient meditation practice revived by Lord Buddha. By doing Vipassana yoga, the soul is purified, this yoga is related to pranayama and meditation. While doing Vipassana yoga, one has to look at his body and be alert towards it. There are three ways of yoga path - vipassana, meditation and hatha yoga.
Lord Buddha attained enlightenment only through Vipassana. Vipassana Yoga is indeed worship of truth.

How to do Vipassana-

Vipassana Yoga is very simple and simple yoga, witnessing your breathing process. Let's talk at the beginning of the practice, remain silent, feel the process of coming out of the shawash in any place while sleeping, through the holes. Like we never used to pay attention to the process of getting our breath. But now look at the story of Shavash with a witness and feel that I am leaving Shavash, and taking it. Take note of the time when we are taking shawash and leaving it. Do not overwhelm this process. Vipassana is to stop everything and pay attention like this. In addition to Shawans, an idea came in this yoga and Gaya then came to pay attention to it. Involve in it at all, just to see what kind of processes are happening in our body.

Why do Vipassana-

Breathing between body and soul is the only means that does not control thoughts and emotions but keeps the body alive, body is life. Yogacharya says that if you keep looking at the Shawash carefully, then you will start knowing the body differently from yourself, the person who will see the body is separated from the body. This leads to a vision of the eternal. There is difference and uniqueness in that philosophy. The rest is nothing unique in life and nothing different.

Benefits of Vipassana-

Stress does not last. Negative and false thoughts do not come. The mind is always calm. Keeping the mind calm also affects the body. Surrey diseases start to disappear from the body, and the body begins to be healthy. Continuous practice of Vipassana Yoga leads to self-realization. And achievements come on their own.


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